Bdc Member Salary in Himachal Pradesh

काफी समय से लोक google के ऊपर serach कर रहे है कि Bdc Member Salary in Himachal Pradesh और बीडीसी सदस्य की वेतन कितनी होती है। इस article में हम BDC के बारे में आपको सभी जानकारी देंगे।

बीडीसी सदस्य का अर्थ

भारत एक कृषि प्रधान देश है, भारत में कुल जनसंख्या का 67 प्रतिशत हिस्सा गांवों में रहता है। जहाँ पर सरकार द्वारा विकास करने के लिए जनता से सीधा प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य यानि कि बीडीसी (BDC) को चुना जाता है। सभी बीडीसी (BDC) मिलकर एक ब्लॉक प्रमुख का चुनाव करते है, ब्लॉक प्रमुख बीडीसी सदस्य का मुखिया होता है।

BDC फुल फॉर्म इन हिंदी

BDC बीडीसी का फुल फॉर्म “ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल” होता है। जिसे हिंदी में हम “ब्लॉक डेवलपमेंट कमेटी” भी कहते है। बिजनेस की दुनिया में इसे लोग बिजनेस डेवलपमेंट कंपनी के नाम से जानते हैं।

Bdc Member Salary in Himachal Pradesh

Himachal Pradesh में Bdc की salary की बात करे तो salary में bdc को monthly 800 से 1200 रुपए मिलते है। मांग की है कि जिस तरह मध्य प्रदेश में क्षेत्र पंचायत सदस्यों को मानदेय के रुप में 4500 से 4800 रुपए तक दिया जा रहा है, ठीक उसी प्रकार Himachal में भी लागू होना चाहिए।

बीडीसी सदस्य का काम Himachal Pradesh

सभी बीडीसी (BDC) मिलकर एक जो ब्लॉक प्रमुख का चुनाव करते है । बही ब्लॉक प्रमुख यह निर्णय लेता है। के किस पंचायत के किस मुखिया को कितना पैसा किस काम के लिए allocate करना है। आए इस पूरे process को इस photo की मदद से देखते है।

सबसे पहले विकास के लिए पैसा स्टेट सरकार से पैसे पंचायत राज बिभग

अतः इस पैसे का ब्लॉक प्रमुख दूरा यह निर्णय लिया जाता है। के किस पंचायत के किस मुखिया को कितना पैसा किस काम के लिए allocate करना है।

बीडीसी का कार्य क्या होता है

Bdc अपने एरिया में 20 से 30% काम करवा सकता है।

Bdc ही ब्लॉक प्रमुख का चुनाव करते है

Bdc मनरेगा में 30% काम करवा सकता है। मतलब अगर किसी की कोई सिकाइत है , पैसा नही मिल रहा , किसी को कम नही मिल रहा । जे सब कामो में Bdc का 30% काम होता है।

वहीँ बीडीसी को ग्राम पंचायत में कई कार्य भी सौंपें जाते है, जैसे नाली निर्माण कराना, खड़ंजा लगवाना और अन्य कार्य भी बीडीसी सदस्य की निगरानी में होते है।

Bdc kaise bane

हिमाचल प्रदेश में पंचायती चुनाव के लिए किसी भी तरह की शैक्षणिक योग्यता निर्धारित नहीं की गई है , चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को उसी गांव का निवासी होना आवश्यक है।

हालाँकि इस बार होनें वाले पंचायती चुनव में उत्तर प्रदेश सरकार न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को अनिवार्य करने पर विचार कर रही है। इसके साथ ही दो बच्चों से अधिक संतान वालों को लडऩे से रोका जा सकता है। हालाँकि अभी तक इसके लिए कोई अधिकारिक घोषणा नहीं की गयी है।

बीडीसी का चुनाव कैसे होता है

यदि हम बीडीसी सदस्य के चुनाव की बात करे तो इनका चयन चुनाव प्रक्रिया द्वारा होता है| बीडीसी चुनाव प्रक्रिया के अंतर्गत सबसे पहले बीडीसी प्रत्याशी को अपना आवेदन जिला निर्वाचन कार्यालय में जमा करना होता है|

इसके बाद कार्यालय द्वारा प्रत्याशी के लिए एक चुना चिन्ह निश्चित कर दिया जाता है|

पहले से निर्धारित तिथि पर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव संपन्न कराया जाता है| इसके पश्चात वोटो की गणना की जाती है और मतगणना में जिस बीडीसी सदस्य को सर्वाधिक मत प्राप्त होते है, उसे बीडीसी सदस्य घोषित किया जाता है|

इसके बाद निर्वाचन अधिकारी द्वारा एक प्रमाण पत्र दिया जाता है| इसके पश्चात पीठासीन अधिकारी, ग्राम पंचायत सचिव द्वारा बीडीसी सदस्य को शपथ दिलाई जाती है|

Bdc Eligibility

प्रत्याशी का नाम ग्राम सभा की मतदाता सूची में होना चाहिए।

अनुसूचित जाति या अनुसूचित जन-जाति और पिछड़ा वर्ग प्रत्याशी हेतु जाति प्रमाण पत्र होना आवश्यक है।

स्व-प्रमाणित शपथ पत्र (Self-Attested Affidavit)

आयु प्रमाण पत्र (Birth Certificate)

पैन-कार्ड (Pan Card)

आधार कार्ड (Aadhar Card)

चरित्र प्रमाण पत्र (Character Certificate)

अगर आपका Bdc Member Salary in Himachal Pradesh से जुड़ा भी कोई सवाल है या आपको कोई चीज़ समझ नही आ रही है तो आप मुझे कमेंट बॉक्स में बता सकते है और अगर आप हमे बीडीसी सदस्य की वेतन कितनी होती है से जुडी कोई भी सलाह देना चाहते है तो आप हमे कमेंट बॉक्स में बता सकते है।

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