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इन्टरनेट क्या है?

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आखिर इन्टरनेट क्या है? इंटरनेट कंप्यूटर का एक नेटवर्क है जिसे किसी भी कनेक्टेड डिवाइस से एक्सेस किया जा सकता है। यह 1969 में वैज्ञानिकों के बीच जानकारी साझा करने के तरीके के रूप में शुरू हुआ और वर्षों से विकसित हुआ।

इस खंड में, हम इंटरनेट क्या है, इसका इतिहास और समय के साथ यह कैसे विकसित हुआ है, इस पर चर्चा करेंगे। हम यह भी पता लगाएंगे कि इसने हमारे जीवन को कैसे बदल दिया है और हम इसके भविष्य के लिए क्या उम्मीद कर सकते हैं।

इस खंड में, हम यह पता लगाएंगे कि इंटरनेट ने हमारे जीवन को कैसे बदल दिया है, साथ ही साथ आप इसके भविष्य के लिए क्या उम्मीद कर सकते हैं। चलिए जानते है, इन्टरनेट किसे कहते है। 

Table of Contents

इन्टरनेट क्या होता है – What is Internet in Hindi

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इंटरनेट कंप्यूटरों का एक इंटरकनेक्टेड नेटवर्क है। यह दुनिया भर से सूचना और डेटा तक पहुंच प्रदान करता हैइंटरनेट कंप्यूटर नेटवर्क का एक नेटवर्क है जो दुनिया भर में अरबों उपयोगकर्ताओं की सेवा के लिए मानक इंटरनेट प्रोटोकॉल सूट (टीसीपी/आईपी) का उपयोग करता है। इंटरनेट एक वैश्विक प्रणाली है, जिसका अर्थ है कि इसका कोई केंद्रीय नियंत्रण या शासी निकाय नहीं है और यह भौतिक सीमाओं से विवश नहीं है।

इंटरनेट 1970 के आसपास से है और इसे डिफेंस एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी (DARPA) द्वारा बनाया गया था। इसे शोधकर्ताओं के लिए लंबी दूरी की यात्रा किए बिना एक दूसरे के साथ जानकारी साझा करने के तरीके के रूप में डिजाइन किया गया था। उम्मीद है के आपको इन्टरनेट क्या होता है समझ में आ गया होगा।

इंटरनेट का फुल फॉर्म

Internet का Full Form होता है Interconnected Network. जो की असल में एक बहुत ही बड़ा network होता है सभी Web Servers Worldwide का. इसलिए इसे बहुत से जगहों में World Wide Web या simply the Web भी कहा जाता है.

इस network में ऐसे बहुत से private और public organizations, schools और colleges, research centers, hospitals के साथ साथ बहुत से servers भी शामिल हैं पुरे दुनिभर में.

इन्टरनेट एक collection होता है interconnected networks का, i.e. network of networks का. ये बना हुआ होता है बहुत से interconnected gateways और routers के आपस में connected होने से पुरे दुनियाभर में.

इंटरनेट की खोज किसने की

Internet का आविष्कार कर पाना किसी एक व्यक्ति के बस की बात नहीं थी. इसे बनाने में बहुत से Scientist और Engineers की जरूरत लगी थी. सन 1957 में COLD WAR के समय, अमेरिका ने Advanced Research Projects Agency (ARPA) की स्थापना की जिसका उद्देश्य एक ऐसी Technology को बनाना था, जिससे की एक कंप्यूटर को दूसरे कंप्यूटर से जोड़ा जा सके. यहाँ से आप इंटरनेट की खोज किसने की बिस्तार से पढ़ सकते है.

सन 1969 में इस Agency ने ARPANET की स्थापना की. जिस से कि किसी भी कंप्यूटर को किसी भी Computer से जोड़ा जा सकता था.

सन 1980 तक आते-आते उसका नाम Internet हो गया. Vinton Cerf और Robert Kahn ने TCP/IP protocol को invent किया सन 1970s, और 1972 में, वहीँ Ray Tomlinson ने सबसे पहले Email Network को introduce किया.

इंटरनेट कब शुरू हुआ?

Internet की शुरुवात January 1, 1983 से हुई. जब ARPANET ने TCP/IP को adopt किया January 1, 1983 में, और उसके बाद researchers ने शुरू किया उन्हें assemble करने का काम. उस समय उसे “network of networks” कहा जाता था, बाद में आज के modern समय में उसे Internet के नाम से जाना जाता है.

भारत में इन्टरनेट कब शुरू हुआ था ?

भारत में internet service को publicly available कराया गया सन 14 August 1995 में जब इसे लांच किया गया state-owned Videsh Sanchar Nigam Limited (VSNL) के द्वारा.

इंटरनेट की परिभाषा

Internet असल में एक global wide area network होता है जो की दुनिया भर के Computer systems को आपस में connect करता है. इसमें बहुत से high-bandwidth data lines होते हैं जो की Internet का “backbone” कहलाते हैं. ये lines को connect किया जाता है major Internet hubs के साथ जो की data को distribute करते हैं दुसरे locations को, जैसे की web servers और ISPs.

वहीँ यदि आपको Internet के साथ connect होना है, तब आपके पास एक Internet service provider (ISP) का access होना चाहिए, जो की एक middleman के तरह act करता है आपके और Internet के बीच में.

ज्यादातर ISPs broadband Internet access प्रदान करते हैं via एक cable, DSL, या fiber connection के. जब आप Internet के साथ connect होते हैं एक public Wi-Fi signal के माध्यम से, यहाँ पर भी Wi-Fi router एक ISP के साथ connected होता है आपको इन्टरनेट प्रदान करने के लिए.

वहीँ cellular data towers को भी किसी न किसी एक Internet service provider से जुड़ा होना होता है connected devices को internet access प्रदान करने के लिए.

इंटरनेट की विशेषताएं

चलिए अब Internet की विसेश्ताएं के विषय में जानते हैं, जिन्हें जानना बहुत ही जरुरी होता है.

World Wide Web

वर्ल्ड वाइड वेब नेटवर्क का एक नेटवर्क है जो दुनिया भर में अरबों उपकरणों को जोड़ता है। यह इंटरकनेक्टेड कंप्यूटर नेटवर्क की एक प्रणाली है जो दुनिया भर में अरबों उपकरणों को जोड़ने के लिए इंटरनेट प्रोटोकॉल सूट (टीसीपी/आईपी) का उपयोग करती है।

वेब का आविष्कार टिम बर्नर्स-ली द्वारा 1989 में किया गया था और मूल रूप से इंटरनेट पर जानकारी साझा करने के तरीके के रूप में कार्य करता था। बर्नर्स-ली ने 1990 में पहला वेब ब्राउज़र लिखा, और यह यूज़नेट समाचार समूहों का एक विकल्प बन गया, जो उस समय ऑनलाइन संचार का प्रमुख रूप था। वर्ल्ड वाइड वेब का तेजी से विकास हुआ और 1994 तक, इंटरनेट पर आधा मिलियन से अधिक वेबसाइटें मौजूद थीं।

E-mail

ई-मेल संचार का एक डिजिटल रूप है जिसका उपयोग एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर पर संदेश, पाठ, चित्र या अन्य डिजिटल फाइल भेजने के लिए किया जाता है। “ईमेल” शब्द 1970 के दशक में रे टॉमलिंसन द्वारा गढ़ा गया था जिन्होंने इस तकनीक को विकसित किया और ईमेल का उपयोग करने वाले पहले व्यक्ति बने।

यह व्यक्तिगत और व्यावसायिक सूचनाओं के आदान-प्रदान का एक लोकप्रिय माध्यम है। इसने संचार को और अधिक सुविधाजनक बना दिया है क्योंकि इसे इंटरनेट कनेक्शन वाले किसी भी उपकरण पर एक्सेस किया जा सकता है। ई-मेल ने डिजिटल सामग्री जैसे दस्तावेज़, चित्र, ऑडियो क्लिप और वीडियो को अन्य लोगों के साथ साझा करना आसान बना दिया है जिनके पास इन फ़ाइलों या उपकरणों तक पहुंच नहीं है। हालाँकि, ई-मेल भी हैकर्स के लिए एक लक्ष्य बन गया है क्योंकि वे सिस्टम में कमजोरियों की तलाश कर रहे हैं जिनका दुर्भावनापूर्ण उद्देश्यों के लिए शोषण किया जा सकता है।

News

1. एक Internet-based Service होती है news, जिसमें बहुत से newsgroups शामिल होते हैं.

2. प्रत्येक newsgroup host करता है discussions एक specific topic में. सभी topics पर अलग अलग Newsgroups होते हैं.

Telnet

टेलनेट एक प्रोटोकॉल है जो लोगों को एक नेटवर्क पर दूरस्थ रूप से लॉग इन करने और कंप्यूटर को नियंत्रित करने में सक्षम बनाता है।

टेलनेट एक प्रोटोकॉल है जो लोगों को एक नेटवर्क पर दूरस्थ रूप से लॉग इन करने और कंप्यूटर को नियंत्रित करने में सक्षम बनाता है। यह मुख्य रूप से यूनिक्स जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे कि लिनक्स या फ्रीबीएसडी, या उन ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाले प्रोग्राम को जोड़ने और प्रशासित करने के संदर्भ में उपयोग किया जाता है।

टेलनेट को रिमोट टर्मिनल कंट्रोल के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन यह रिमोट टर्मिनल डिस्प्ले फ़ंक्शंस का भी समर्थन करता है, इसलिए इसका उपयोग अन्य कंप्यूटरों पर चलने वाले टेक्स्ट-आधारित एप्लिकेशन तक उसी तरह से किया जा सकता है जैसे एसएसएच ग्राफिकल एप्लिकेशन तक पहुंच प्रदान करता है।

File transfer protocol

एफ़टीपी एक नेटवर्क प्रोटोकॉल है जिसका उपयोग कंप्यूटरों के बीच फ़ाइलों को स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है।

एफ़टीपी एक नेटवर्क प्रोटोकॉल है जिसका उपयोग कंप्यूटरों के बीच फ़ाइलों को स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है। यह मुख्य रूप से इंटरनेट पर वेब होस्टिंग और बड़ी दूरी पर फाइलों के आदान-प्रदान के लिए उपयोग किया जाता है। एफ़टीपी टीसीपी का उपयोग करता है, जिसका अर्थ है कि इसे केवल उसी नेटवर्क या इंटरनेट से ही एक्सेस किया जा सकता है। सर्वर दुनिया में कहीं भी स्थित हो सकता है और अभी भी दुनिया में कहीं और ग्राहकों द्वारा पहुँचा जा सकता है।

Internet Relay Chat (IRC)

इंटरनेट रिले चैट एक प्रोटोकॉल है जो लोगों को एक सर्वर के माध्यम से एक दूसरे के साथ चैट करने की अनुमति देता है। इसे पहली बार 1988 में जर्को ओकारिनन द्वारा विकसित किया गया था और तब से इसे लगातार अपडेट किया जाता रहा है।

आईआरसी को चैट रूम, चर्चा मंच या चैट चैनल के रूप में भी जाना जाता है। उनका उपयोग आमतौर पर किसी विशिष्ट विषय पर चर्चा करने के लिए किया जाता है। लोग किसी IRC चैनल को उस सर्वर से कनेक्ट करके शामिल हो सकते हैं जो इसे IRC क्लाइंट के साथ होस्ट करता है और फिर क्लाइंट की इनपुट लाइन में चैनल का नाम दर्ज करता है।

इंटरनेट कैसे काम करता है

Internet में Computers एक दुसरे के साथ connected होते हैं छोटे networks के माध्यम से. वहीँ ये networks connected होते हैं gateways के द्वारा Internet Backbone के साथ.

वहीँ सभी Computers Internet पर एक दुसरे के साथ communicate करते हैं TCP/IP के माध्यम से, जो की एक Basic Protocol (i.e set of rules) होता है Internet का.

TCP/IP (Transmission Control Protocol / Internet Protocol) manage करते हैं Internet में हो रहे सभी transmission को फिर चाहे वो data/file/document कुछ भी क्यूँ न हो, लेकिन इसे करने के लिए उन्हें उस data/file/documents को छोटे छोटे parts में तोडना होता है जिन्हें की packets या datagrams कहा जाता है.

इसमें प्रत्येक packet में actual data का address part स्तिथ होता है, i.e addresses of destination और source होता है upto 1500 characters के जितना.

एक वेब क्या है?

वेब एक ऐसा शब्द है जो एक दूसरे से जुड़े पृष्ठों और अन्य सामग्री के समूह को संदर्भित करता है।

“वेब” शब्द के दो अर्थ हैं:

1) इंटरनेट पर परस्पर जुड़े पृष्ठों या दस्तावेजों का एक समूह।

2) एक मकड़ी का जाला, जिसे इंटरनेट के रूपक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

इंटरनेट और वेब के बीच अंतर क्या हैं?

इंटरनेट इंटरकनेक्टेड कंप्यूटर नेटवर्क की एक वैश्विक प्रणाली है जो दुनिया भर में अरबों उपयोगकर्ताओं की सेवा के लिए मानक इंटरनेट प्रोटोकॉल सूट (टीसीपी/आईपी) का उपयोग करती है।

वेब इंटरकनेक्टेड कंप्यूटरों का एक विशाल, वैश्विक नेटवर्क है जो दुनिया भर में अरबों उपयोगकर्ताओं की सेवा के लिए हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल (HTTP) का उपयोग करता है।

इंटरनेट को 1969 में DARPA द्वारा एक प्रायोगिक पैकेट-स्विचिंग नेटवर्क के रूप में विकसित किया गया था, जबकि वेब का आविष्कार टिम बर्नर्स-ली द्वारा 1989 में किया गया था। इंटरनेट का कोई केंद्रीय नियंत्रण नहीं है और इसमें केबल जैसी कोई भौतिक संरचना नहीं है, यही वजह है कि इसे “बादल” कहा जाता है। वेब में केंद्रीय नियंत्रण और केबल जैसे भौतिक बुनियादी ढांचे हैं, इसलिए इसे इंटरनेट कनेक्शन के साथ कहीं से भी एक्सेस किया जा सकता है।

इंटरनेट का इतिहास

Net की History की बात की जाये तो 1969 में ये दुनिया में अपना पहला कदम रख चुकता था, और वक्त और technology क बदलाव से ये आगे बढ़ता गया और अभी बी रुकने का नाम नहीं ले रहा है. थोडा और जानते है.

तो चलिए आगे Internet की history in hindi जानते हैं.

1. Internet का उद्गम ARPANET (ADVANCE RESEARCH PROJECT AGENCY network) से हुआ था.

2. ARPANET Ameriaca का रक्षा बिभाग का हिस्सा था 1969 में.

3. सुरुवात में गुपनिया ख़त Computer के जरिये भेजने क लिए ये Network बनाया गया था इसी का नाम था ARPANET.

4. सुरुवात में इस बिचार को पांच US University के Computer को Connect करने के लिए ये इस्तेमाल हुआ था. 1972 के दसक तक ये दुनिया के 23 Node और दुनिया के अलग अलग देशों से जुड़ चूका था जिसका नाम बाद में दिया गया Internet

5. सुरुवात इससे इस Network को Private Network के तोर पर इस्तमाल किया जाता था बाद में ये सब तक पोहंचा गया और साल भर साल इसमें बदलवा आता गया और अभी आप इसी Internet के जरिया मेरी जानकारी Internet क्या है और Internet का इतिहास आप पढ़ रहे थे.

इंटरनेट का उपयोग

1. Electronic mail का आदान प्रदान के लिए

Internet से जुड़े करीब 85% से ज्यादा लोग Internet का इस्तमाल email भेजने और पाने के लिए करते हैं. एक सप्ताह में करीब 20 million से भी ज्यादा emails का आदान प्रदान होता है.

2. Research करने के लिए

Internet एक बहुत ही बड़ा source है documents, books, research papers इत्यादि का इसलिए लोग इसका इस्तमाल अपने research करने के लिए करते हैं.

3. Files Download या Upload कर सकते हैं

यहाँ पर ऐसे बहुत से files को upload किया गया होता है बहुत से websites के द्वारा जैसे की Movies, Songs, Videos, Documenteries इत्यादि. यदि आप उन्हें देखना चाहते हैं तब आपको उन्हें download करना होगा जिसके लिए internet की आवश्यकता होती है.

4. Discussion groups का होना

यदि आपको किसी topic के विषय में जानना है या किसी expert से इसके विषय में राय लेनी है तब आप Discussion Groups का इस्तमाल कर सकते हैं. यहाँ पर आपको बहुत से experienced और experts मिल जायेंगे किसी चीज़ के विषय में expert advice के लिए.

5. Interactive games खेलने के लिए

यदि आप bore हो रहे हों तब आप Internet में बढ़िया और मज़ेदार Interactive games खेल सकते हैं अपने मनोरंजन के लिए.

6. Education और self-improvement के लिए

यहाँ पर आपको बहुत से On-line courses और workshops मिल जायेंगे जिनसे आप बहुत कुछ सीख सकते हैं वहीँ इनके Online Seminars को attend कर आप अपना self-improvement भी करा सकते हैं.

7. Friendship और dating

यदि आपको online दोस्त बनाना पसंद है तब आपके लिए यहाँ पर बहुत से social media sites मेह्जुद हैं जैसे की Facebook, Instagram, Twitter.

वहीँ अगर आप relations बनाने में ज्यादा उत्सुक हैं तब आप Online Dating Sites पर जाकर खुद को register करा सकते हैं जिससे आप अपने मन मुताबिक साथी से बातचित कर अपने रिश्ते को आगे बढ़ा सकते हैं.

8. Electronic अकबारों और मैगजीन्स में 

यहाँ पर आपको ऐसे बहुत से news websites मिल जायेंगे जहाँ पर आपको सभी latest-breaking news, weather, और sports के समाचार आसानी से मिल सकता है. वहीँ आप यहाँ पर कई Online Magazines भी पढ़ सकते हैं.

9. Job की तलाश करने में 

ऐसे बहुत से websites हैं जो की निरंतर jobs की जानकारी प्रदान कर रहे होते हैं. फिर चाहे वो कोई technical job हो या फिर non- technical jobs. यदि आपको भी jobs की तलाश है तब आप भी इनमें register कर अपने पसंदीदा job प्राप्त कर सकते हैं.

10. Shopping कर सकते हैं

अब वो दिन गए जब आपको shopping करने के लिए कई दुकान घूमना पड़ता था. लेकिन अब आप घर बैठे ही अपने मनचाही चीज़ें online order कर सकते हैं.

आपको यहाँ पर सभी प्रकार के चीज़ें मील सकते हैं वो भी बहुत ही अच्छे offer price पर. बस आपको अपने को इन sites में register कराना होता है. फिर आप जितनी चाहे उतनी shopping कर सकते हैं.

भारत में इंटरनेट का इतिहास

भारत में Internet पहली बार 15 August 1995 को इस्तेमाल हुआ था. उस वक्त की सबसे बड़ी Telecom कंपनी VSNL(Videsh Sanchar Nigam Limited) ने ये सेवा दी गई थी.इसके बाद ये भारत में कुछ इस तरह से बदलाव लाया था.

  • बड़े बड़े सहरों में net को पोहंचाया गया.
  • 1996 Redifmail नाम की ईमेल साईट की सुरुवात हुई भारत में.
  • भरता पहला साइबर कैफ़े 1996 में मुंबई में खुला.
  • 1997 Noukri.com जैसी साईट भारत में बनी, आज हर कोई इसे जनता है.
  • 1999 Hindiportal “webdunia” की सुरुवात हुई.
  • 2000 के दशक तक technology act 2000 भारत में लागु हुआ.
  • Yahoo इंडिया और msn इंडिया की भी सुरुवात 2000 के दसक में हुई थी.
  • 2001 Online Train Website irctc.in की सुरुवात हुई थी.

जैसे सिक्के के दो पहलु रहते हैं वैसे ही हर चीज़ के लाभ और हानि होते हैं वैसे ही Internet के भी फायदे और नुन्सन होते हैं चलोये जानते हैं क्या है Internet के फायदे और नुकसान इसके बारे में थोडा विस्तार में जानते हैं.

इन्टरनेट कैसे चलाई जाती है?

यहाँ पर हम जानेंगे की कैसे आप अपने Computer और Mobile Device में Internet चला सकते हैं.

Smartphones जैसे की iPhones और Android phones, बहुत ही छोटे handheld Computers होते हैं जिसमें की built-in GPS और camera की सुविधा रहती है. वहीँ बहुत से लोगों के लिए उनका SmartPhone ही tool होता है Internet access करने के लिए.

यदि आप अपने Computer या PC में Internet चलाना चाहते हैं तब आपको इसके लिए या तो broadband connection लेना होगा किसी ISP से या उनका कोई Wireless Connection भी ले सकते हैं. इसका इस्तमाल कर आप अपने computer में Internet access कर सकते हैं.

इंटरनेट के लाभ

अगर आप Internet के सही से उपयोग करोगे तो आप बोहत कुछ कर सकते हो, इसलिए निचे दिए गए net के फायदे अछे से पढ़ें और अपनी जिंदिगी को Digital बनायें

1. इसको  ज्यादा तोर पर Social Networking, Education, मनोरजन, Online जानकारी देने में ज्यदा मददगार होता है.

2.इसे आपकी  time की बचत तो  होगी और आप चाहो तो बोहत कुछ सिख सकते हो.

3.इसके इस्तेमाल से  हम कोई भी Information को बड़ी आसानी से ढूंड सकते है.जैसे हम Google में करते है.
किसीको भी बड़ी आसानी से Message, audio, video, Document Internet में हम भेज सकते है जैसे की Whatsapp, Facebook, Twitter में हर कोई करता है.

4. अगर पढाई की बात की जाये आजकल हर कोई ऑनलाइन पढाई कर सकता है और research कर सकता है.

5. और सबसे अच्छा फायदा- Online services जैसे online Shopping, Online Recharge, Movie Ticket Boking, Internet Banking, Online Transaction ये सब Internet की वजह से ही हो पाया है.

6. इसके के जरिये आप किसी के साथ आमने सामने मतलब Video कालिंग कर सकते है.

7. इसकी वजह से ही आजकल E-Commerce साईट बोहत ही तेजी से आगे बढ़ रही हैं.

8. इसमें में आप Information Share कर सकते हैं, E-Mail जैसे सुविधा आपको Internet की वजह से हो पाया है.

9. मनोरंजन के लिए भी आपको इसकी  की सक्त जरुरत है. जिससे आप गाने डाउनलोड कर सकते हो, Video देख सकते हो, दुःख को दूर करने के लिए Online game खेल सकते हो.

10. सबसे बड़ा फायदा यह है की आपको सारे सवालों के जवाब मिल जायंगे जैसे अभी आपको ये भी मिल जाये गा Internet क्या है(What is the Meaning of Internet in hindi).

11. आपको हर  पल की खबर आपको मिलती रहेंगी जब चाहो तब, इसके साथ Science,Technolgy,की भी जानकारी मिलती रहेगी Internet में.

12. आप अपना सारा डाटा स्टोर करके रख सकते हो इसमें  और जब चाहो तब वापस डाउनलोड कर सकते हो.

ये Government के लिए भी काफी फायदे मंद है, Government अपने scheme Internet के जरिये आसानी से लोगों तक पोहांचा सकी है.

इंटरनेट की हानि

आपको अगर अपनी जिंदगी को सही तरीके चलाना है इस Digital दुनिया में तो इन बातों को जरुर ध्यान से पढ़ें, और दुसरो को बताएं

1. इसका का नुकसान इसकी लत है, अगर आपको लग गई तो अप इसके पीछे लगे रहो गे और होगा क्या इससे आपका वक्त बर्बाद होगा.

2. इसमें कोई भी कुछ भी लिख के share कर देता है चाहे वो सही हो या गलत, इससे गलत Information लोगों तक पहच ती है|

3. इसके जरिये आपका सारा Data आपके Computer से कोई भी चुरा सकता है Hackers के जरिये.

4. कभी कभी कोई भी गलत Video(mms) बड़ी तेजी से नेट में फ़ैल जाता है ये भी एक  नुकसान है.

5. Computer Virus Internet से ही आपके Computer तक पोहंच सकता है जिससे आपके सारे डाटा गायब हो सकते हैं और आपके Computer को भी Slow कर देता है

6. बोहत सारे प्रोनोग्र्फी साईट net में होती हैं जिसमे अश्लील तस्वीर और Video रहते है और इनसे बचों के दिमाग पर बोहत ही बुरा असर पड़ता है.

7. इसमें में जो Social साईट जैसे Facebook,Instagram रहती है उनमे कुछ लोग किसी की भी तस्वीर छोड़ देते हैं ये भी Internet का नुकसान हैं

8. Internet पे कुछ ऐसे वेबसाइट होती हैं जिनमे लोग आपको कुछ सवाल पूछ कर सारी जानकारी ले लेते हैं और उसका वो गलत फ़ायदा उठाते है.

9. Internet के इस्तेमाल से जैसे आपका वक्त बचाता है वैसे ही आपका वक्त भी बर्बाद करता है.

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नमस्कार मैं ,DailyPostHindi (डेली पोस्ट हिन्दी) का Author/ Founder हूँ। मैं make money online, business और Finance से जुडे विषय के बारे में बताता हूँ। हमारा यह मकसद है के इस ब्लॉग पे आपको अच्छी से अच्छी जानकारी मिले। #dailyposthindidailylearning
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